अनुभाग 5

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उसने एक कंघी की ओर हाथ बढ़ाया.

उसने एक कैंची की ओर हाथ बढ़ाया.

नाई ने कैंची को थोड़ी देर के लिए एक तरफ रख दिया, मानो उसे खुद औज़ार को एक पल की गरिमा देनी हो. फिर उसने उसे उठाया, उसे अंगूठे और तर्जनी के बीच पकड़ा, दिखावे से नहीं, बल्कि लगभग स्नेह से.

„Olivia Garden“, उसने कहा.

उसने इसे किसी ब्रांड नाम की तरह नहीं, बल्कि किसी व्यक्तिनाम की तरह कहा.

Hans Castorp ने देखा. कैंची सादी थी, संतुलित, उसमें कुछ भी चिल्लाने वाला नहीं था. कंघी भी, जिसे नाई ने अब dazu nahm, उन चीज़ों का यह अनाकर्षक आत्मविश्वास लिए हुए थी, जिन्हें यह साबित नहीं करना पड़ता कि वे अच्छी हैं.

„OG“, नाई ने आगे कहा, जबकि वह फिर से काम करने लगा. „यह किसी मैनेजर के सपने के लिए नहीं है. यह एक आदमी के लिए है. और उसकी पत्नी के लिए. Jean Rennette. और Micheline. हमेशा साथ.“

वह काटता रहा, मानो वह यूँ ही, चलते-फिरते सुना रहा हो, और ठीक इसी वजह से यह विश्वसनीय लगा.

„St. Tropez“, उसने कहा. „इससे पहले कि यह यहाँ…“ – उसने कैंची से एक छोटी, गोल घुमावदार हरकत की, जो हर उस चीज़ का मतलब थी, जो आजकल ‘यहाँ’ के तहत आती है – „…इससे पहले कि यह यहाँ एक तस्वीर बन गया. वे वहाँ रहते थे. एक तंबू में. सचमुच. कोई मिथक नहीं. एक तंबू. और उन्होंने एक घाट बनाया. अपने हाथों से. एक वाटरस्की स्कूल के लिए.“

Gustav ने आईने में देखा. नाई की ओर नहीं. लेकिन वह सुन रहा था.

„विग“, नाई ने कहा. „शुरुआत में. उच्च गुणवत्ता वाली. तब यह कोई लाइफस्टाइल नहीं था, यह ज़रूरत थी. फिर ब्रश. हमेशा बेहतर. हमेशा ज़्यादा सटीक. 1967 में उन्होंने कंपनी बनाई. बेल्जियम में. छोटा. साफ़. जिद्दी.“

वह हल्का-सा मुस्कुराया.

„और फिर, 1976 – अब कोई एरोसोल नहीं, Jeans की खोज. कोई गैस नहीं. एक समाधान, जिसकी किसी को ज़रूरत नहीं थी, जब तक सबको उसकी ज़रूरत नहीं पड़ गई. वही, जो सही तौर पर Steve Jobs के बारे में भी कहा जाता है, आप जानते हैं, असली स्मार्टफोन के आविष्कारक.“

Hans Castorp ने एरोसोल या स्मार्टफोन के बारे में सोचने से इनकार कर दिया. उसने Gustav के सिर पर लगे रंग के बारे में सोचा. उन छोटी-छोटी ताकतों के बारे में, जिन्हें आदमी स्वीकार कर लेता है, अगर वे काफ़ी धीमी हों.

„पचास साल“, नाई ने कहा, और अब उसकी आवाज़ में बमुश्किल सुनाई देने वाला गर्व था, मानो उसका खुद का भी उसमें कोई हिस्सा हो. „और आज: विश्व बाज़ार का अग्रणी. कम से कम प्रोफेशनल ब्रशों में. न तेज़-तर्रार. न सस्ता. बल्कि…“

वह शब्द नहीं खोज रहा था.

„…विश्वसनीय. असली मायने में किफ़ायती.“

Gustav ने एक भौं उठाई.

„एक अच्छा-ख़ासा उभार“, उसने सूखे स्वर में कहा. „तंबू से विश्व-वर्चस्व तक. मुझे थोड़ा Zieser की याद दिलाता है.“

नाई हल्के से, शिष्टता से हँसा, बिना विरोध किए. वह जानता था कि इस तरह की तुलनाएँ कहानी के बारे में नहीं, बल्कि उसके बारे में कुछ कहती हैं, जो उन्हें खींचता है.

Hans Castorp ने देखा कि कैंची फिर से लगी, शांत, निश्चित. OG. व्यवस्था. औज़ार, जो जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं. और लोग, जो इस पर विश्वास करते हैं कि कंघी और धैर्य के साथ समय से कम से कम एक पल के लिए कुछ छीना जा सकता है.

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